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चुनावी मैदान में भोजपुरी भाषा के कलाकारों को दी जा रही सर्वाधिक महत्ता

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Posted on: 25 Apr, 2019 Tags  

BiharonWeb: 25 Apr, 2019,

चुनावी मैदान में भोजपुरी कलाकारों को मौका, मैथिली व मगही उपेक्षित

लोकसभा चुनाव को लेकर मचे घमासान में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी मैदान में भोजपुरी भाषा के कलाकारों को सर्वाधिक महत्ता दी जा रही है। वहीं, बिहार की अन्य क्षेत्रीय भाषाएं मगही, मैथिली, अंगिका एवं वज्जिका की पूछ नहीं हुई। भोजपुरी फिल्मों से जुड़े कलाकारों का उपयोग चुनाव मैदान में उतारने और भीड़ जुटाने, दोनों ही रूपों में हो रहा है। सबसे अधिक भाजपा 大富豪国际网址ने भोजपुरी स्टारों को अवसर दिए हैं। एनडीए प्रत्याशी चुनावी सभा के लिए भोजपुरी कलाकारों की मांग कर रहे हैं। भाजपा के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष व भोजपुरी गायक मनोज तिवारी बिहार में चुनाव प्रचार के लिए आ चुके हैं। वहीं, पवन सिंह का भी कार्यक्रम तय किया जा रहा है। रविकिशन भी भाजपा के सर्वाधिक प्रिय कलाकारों में शामिल हैं। इनकी सर्वाधिक मांग बिहार में एनडीए प्रत्याशियों द्वारा की जा रही है। मनोज तिवारी, रविकिशन व निरहुआ को टिकट : भाजपा ने मनोज तिवारी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से उम्मीदवार बनाया है, तो रविकिशन को गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अतिरिक्त दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को आजमगढ़ से प्रत्याशी बनाया गया है।

मैथिली कलाकार रंजना झा बनी हैं आइकन

मैथिली कलाकारों को भले ही राजनीतिक दलों ने तवज्जों नहीं दी है, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने मैथिली की कलाकार रंजना झा को सहरसा जिला का ‘इलेक्शन आइकन’ घोषित किया है। हालांकि, मिथिलांचल क्षेत्र में शारदा सिन्हा, मैथिली ठाकुर, सुदर्शन चौधरी, अंगिका क्षेत्र में गौरव गर्ग, कौशल किशोर मिश्र, नवनीता वर्मा सहित दर्जनों ऐसे कलाकार हैं, जो लोक संगीत, मिथिला पेंटिंग व अन्य क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त हैं, पर राजनीतिक दलों ने उन्हें चुनाव प्रचार का मौका नहीं दिया।

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क्षेत्रीय भाषाओं का विस्तृत प्रभाव क्षेत्र

भोजपुरी का प्रभाव क्षेत्र अधिक है। शाहाबाद के चार जिलों भोजपुर, रोहतास, बक्सर व कैमूर और गंगा नदी के दूसरी ओर सारण, सीवान, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण व पश्चिमी चंपारण में भोजपुरी भाषा का बिहार विस्तार है। इसके अतिरिक्त यूपी में बनारस, गोरखपुर, गाजीपुर व आसपास के इलाकों समेत झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद में भी भोजपुरी का काफी प्रभाव है। दूसरी ओर, मगही भाषा का विस्तार नवादा, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल, पटना व आसपास के इलाकों में है। वहीं, अंगिका भाषा का प्रभाव क्षेत्र भागलपुर, बांका, नवगछिया व आसपास के इलाकों में हैं तो वज्जिका का प्रभाव क्षेत्र मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर इत्यादि जिलों में है। मैथिली भाषा का विस्तार सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी समेत कई जिलों में है। समेत अन्य राज्यों में लाखों मैथिलीभाषी हैं।

चुनाव में भोजपुरी कलाकार सक्रिय

मनोज तिवारी, पवन सिंह, रविकिशन की है बिहार में मांग।
निरहुआ, यूपी के आजमगढ़ से लड़ रहे हैं चुनाव।
रंजना झा को आयोग ने बनाया सहरसा का आइकन।
大富豪国际网址 मगही, वज्जिका, अंगिका आदि के कलाकारों की पूछ नहीं। 

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