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युवाओं को फोकस में रखकर नीतियों के क्रियान्वयन की कोशिशें तेज

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Posted on: 21 Nov, 2018 Tags  

BiharonWeb: 21 Nov, 2018,

बिहार में युवा शक्ति के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने का हो रहा प्रयास

युवा इस देश के भविष्य हैं और इनकी बड़ी आबादी को एक युवा देश बनाता है। एक अध्ययन के अनुसार देश में अभी 45 वर्ष तक की उम्र के लोगों की संख्या 60 प्रतिशत के करीब है। यूएन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 तक भारत की कुल जनसंख्या एक अरब पैंतीस करोड़ (1.35 billion) से भी अधिक हो गयी है। रिपोर्ट के तहत वर्ष 2001 से वर्ष 2011 के बीच देश की जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार 17.7 प्रतिशत रही। फिलहाल भारत की आबादी प्रतिवर्ष 1.11 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है। बिहार में भी आबादी की रफ्तार तेज है और यहां बड़ी संख्या में युवा, प्रदेश की तरक्की और खुशहाली में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। तमाम राजनीतिक दलों की निगाहें युवाओं की तरफ हैं, क्योंकि ये ऐसा वर्ग है जो नफे-नुकसान की कसौटी पर ही अपने फैसले लेता रहा है। बिहार में जदयू ने युवाओं को फोकस में रखा है और सरकार की नीतियों, उनके कार्यक्रमों में ये दृष्टिगोचर भी होता रहता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार大富豪国际网址 ने जदयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को इन्हीं युवाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रशांत किशोर लगातार एक के बाद एक बैठक कर इन युवाओं की समस्याओं और उनकी परेशानियों को जानने की कोशिश कर रहे हैं। छात्र जदयू और युवा जदयू दोनों मिलकर जदयू और सरकार की नीतियों के सहारे चुनावी मैनेजमेंट का ताना-बाना बुन रहे हैं और इसे सही दिशा और नेतृत्व देने का काम प्रशांत किशोर और उनकी टीम कर रही है।

मानव संसाधन के रूप में बेहतरीन खजाना हैं युवा

युवाओं को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण करने वाले नीतीश कुमार ने पिछले कई वर्षों में कई सकारात्मक कोशिशें की हैं। कुशल युवा कार्यक्रम, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यंमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना, मुख्यमंत्री छात्रावास खाद्यान्न योजना एवं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना जैसी योजनाओं ने युवाओं को संबल प्रदान किया है। हालांकि, कई योजनाएं अभी शुरूआती तौर पर लागू हुईं हैं। लिहाजा उनके असर की चर्चा करना बेमानी होगी, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इन योजनाओं का सीधा फायदा युवाओं और खासकर पिछड़े तबके के युवाओं को मिलेगा। प्रशांत किशोर भी जानते हैं कि बिहार में मानव संसाधन के रूप में वो बेहतरीन खजाना है जो कभी खाली नहीं होने वाला है। नीतीश कुमार लगातार आधी आबादी और युवाओं के लिए नई योजनाओं की शुरूआत में लगे हैं और उन्हें भी पूरा भरोसा है कि उनकी इस कवायद का लाभ उन्हें आने वाले चुनावों में भी जरूर मिलेगा। प्रशांत किशोर युवाओं को अधिक से अधिक टिकट देने की बात भी कह चुके हैं, इसलिए इन कयासों को भी बल मिल रहा है कि युवा शक्ति के सहारे ही चुनावी वैतरणी पार की जाएगी। दहेज प्रथा, बाल विवाह के खिलाफ अभियान और शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री के फैसलों ने आधी आबादी को पहले ही उनका मुरीद बना दिया है, लेकिन युवाओं को लेकर थोड़ी भ्रम की स्थिति बरकरार है।

युवाओं से फेस टू फेस होकर उनकी चिंता दूर करने में लगी जदयू

पटना 大富豪国际网址में लगातार युवाओं के कई संगठनों के विरोध में इसके स्वर सुनाई दे रहे हैं और जो सबसे बड़ा व अहम मुद्दा है, वह है बेरोजगारी और आर्थिक विपन्नता का। बिहार में नए उद्योग-धंधों को लेकर कोई सकारात्मक स्वर जहां सुनाई नहीं दे रहें हैं, वहीं रोजगार के बदले हुनरमंद और उद्यमी बनाने की उनकी कवायद अभी दूर की कौड़ी ही है। विपक्ष का भी ये आरोप है कि राज्य में उद्यमियों के लिए बेहतर माहौल नहीं है और जो उद्यमी यहां पहले से थे वे भी पलायन करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, कुल मिलाकर देखें तो पता चलेगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं की बेरोजगारी की चिंता को भांपते हुए ही ऐसे कार्यक्रम चलाये, जिनसे युवा रोजगार के लायक हो सकें, या नहीं तो कम से कम हुनरमंद होकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके साथ ही बेरोजगारी की सूरत में स्वयं सहायता भत्ता देने की योजना भी चल रही है। कुल मिलाकर बिहार में युवाओं को फोकस में रखकर ही नीतियों के क्रियान्वयन की कोशिशें की जा रही हैं । पार्टी को युवाओं का कितना साथ मिलेगा ये फिलहाल कह पाना मुश्किल है, लेकिन प्रशांत किशोर और उनकी टीम जिस तरह से युवाओं से फेस टू फेस होकर उनकी चिंता दूर करने में लगे हैं, उससे पार्टी के प्रति युवाओं की दिलचस्पी बढ़ी है।

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युवाओं के स्वावलंबी बनने से ही विकसित बिहार का सपना होगा साकार

大富豪国际网址 लोकसभा चुनाव में इन युवाओं का झुकाव अगर जदयू की तरफ होता है तो जाहिर है सरकार इनके लिए कई नए कार्यक्रमों का ऐलान कर सकती है। मुख्यमंत्री बार-बार कहते रहे हैं कि उनकी योजनाएं यूनिवर्सल होती हैं और समाज में हाशिये पर खड़े लोगों के लिए वो और अधिक संजीदा रहते हैं। युवाओं के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों के निर्माण में भी तेजी आयी है और इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर, इनफार्मेशन टेक्नालॉजी, नर्सिंग समेत तमाम तरह की तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा की सुगमता इन युवाओं के पलायन को भी रोकने में सार्थक हुई है। आनेवाले वक्त में बिहार के युवा देश की तरक्की में अपना अहम योगदान देंगे इसी सोंच के साथ कुछ और नयी नीतियों के निर्माण पर कार्य चल रहा है । मुख्यमंत्री और प्रशांत किशोर की इसी जुगलबंदी से युवाओं में भी नए जोश का संचार हुआ है, लेकिन जबतक इन युवाओं के चेहरे पर असली खुशी नहीं दिखेगी, राज्य की तरक्की की बात बेमानी ही होगी। साक्षर और शिक्षित से आगे बढ़कर इन्हें स्वावलंबी बनाने की नई कवायद को सरजमीं पर उतारना होगा, तभी बेहतर बिहार, विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा।

Edited by Ashutosh

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