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बिहार में लोकसभा की 40 सीटें, महागठबंधन की दावेदारी 56 पर

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Posted on: 21 Sep, 2018 Tags  

BiharonWeb: 21 Sep, 2018,

बिहार में लोकसभा की 40 सीटें, महागठबंधन की दावेदारी 56 पर

अब बिहार की लोकसभा की सीटें महागठबंधन के लिए कम पड़ रही हैं। जीतनराम मांझी व वाम दलों ने अपने दावे कर दिए हैं। बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं, लेकिन महागठबंधन के घटक दलों के लिए यह कम पड़ रही हैं। यहां छोटे दलों ने भी बड़ी-बड़ी मांगें शुरू कर दी हैं। कोई भी किसी से कम नहीं रहना चाहता है। शुरुआत वामदलों और जीतनराम मांझी की पार्टी की ओर से कर दी गई है। ऐसे में महागठबंधन के 'बड़े भाई' राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लिए मुश्किल यह है कि किसे कितनी सीटें दे और अपने लिए क्या रखें ? हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने राजद से कम से कम 20 सीटों की मांग की है। वहीं, वामदलों ने भी 18 सीटों पर दावा किया है। कांग्रेस 大富豪国际网址की लालसा पिछली बार से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की है। 2014 में कांग्रेस को 12 सीटें मिली थीं। तब कांग्रेस बिहार में सिर्फ चार विधायकों वाली पार्टी थी। अब उसके 27 विधायक हैं, यानी सात गुना ज्यादा। इतना ही नहीं, सपा-बसपा के साथ शरद यादव और तारिक अनवर भी लाइन में हैं।

किसे दें कितनी सीटें ?

大富豪国际网址 राजद के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वह किसे कितनी सीटें दे और अपने पास कितनी सीटें रखे ? 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भी राजद-कांग्रेस गठबंधन को छह सीटों पर जीत मिली थी। राजद के हिस्से में चार और कांग्रेस के हिस्से में दो सीटें आई थीं। तारिक अनवर ने भी एक सीट एनसीपी के लिए जीती थी। तब तारिक के नाम पर कांग्रेस-राजद ने एनसीपी को कटिहार लोकसभा क्षेत्र में समर्थन दिया था। दोनों दल इस बार भी पिछला त्याग दोहरा सकते हैं। जदयू छोड़कर अपनी अलग पार्टी (लोकतांत्रिक जनता दल) बनाकर शरद यादव भी महागठबंधन में शामिल होने की जुगत में हैं। हालांकि, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की ओर से उन्हें अधिक तवज्जो नहीं मिल रही है, लेकिन कांग्रेस की ओर से सम्मान देने का संकेत दे दिया गया है। शरद यादव को अपने लिए मधेपुरा की सीट चाहिए। उन्हें अपने दो सहयोगियों, पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी और पूर्व मंत्री अर्जुन राय के लिए भी सीट चाहिए।

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राजद के लिए सबको खुश रखना मुश्किल

大富豪国际网址 इधर, के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेन्द्र प्रसाद यादव को लालू ने झंझारपुर सीट के लिए सहमति दे दी है। बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती अगर सही लाइन पर रहती हैं तो एक सीट उन्हें भी ऑफर किया जा सकता है। इस तरह महागठबंधन के सभी घटक दलों की अपेक्षाओं को पूरा करना राजद के लिए संभव नहीं होगा। राजद अगर खुद के पास एक भी सीट न रखे तो भी कांग्रेस समेत सभी सहयोगी दलों की दावेदारी को पूरा करने के लिए कम-से-कम 56 सीटें चाहिए, यानी कुल उपलब्ध सीटों से भी 16 अधिक। जाहिर है, महागठबंधन के घटक दलों में सीटों का बंटवारा इतना आसान नहीं होगा। राजद को सहयोगियों की मांग पूरी करने के लिए 56 सीटों की जरुरत होगी। एेसे में राजद के लिए खुद के सीटों के लिए भी सोंचना होगा।

Edited by Ashutosh

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